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प्रधानमत्री मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए किया राफेल विमानों का स्वागत, कही ये बात

२७ जुलाई 2020 दिन सोमवार को फ़्रांस से चले पांचो राफेल फाइटर जेट ने बुद्धवार दोपहर करीब 3.30 बजे भारत के अम्बाला एयरबेस में सुरक्षित लैंडिंग की. पूरा देश राफेल विमान का लम्बे समय से इंतजार कर रहा था. वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने अंबाला में राफेल विमानों की अगवानी की.

इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर राफेल लड़ाकू विमानों का स्वागत किया.  पीएम मोदी ने संस्कृत के श्लोकों से राफेल विमानों का स्वागत किया.

प्रधानमंत्री मोदी में संस्कृत में ट्वीट कर लिखा, ” राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्,राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च।। नभः स्पृशं दीप्तम्…स्वागतम्”.

इस श्लोक का मतलब यह है कि राष्ट्र रक्षा के समान कोई पुण्य नहीं, राष्ट्र रक्षा के समान कोई व्रत नहीं, राष्ट्र रक्षा के समान कोई यज्ञ नहीं. बता दें कि नभः स्पृशं दीप्तम् भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है. ‘नभ:स्‍पृशं दीप्‍तमनेकवर्ण व्‍यात्ताननं दीप्‍तविशालनेत्रम्। दृष्‍ट्वा हि त्‍वां प्रव्‍यथ‍ितान्‍तरात्‍मा धृतिं न विन्‍दामि शमं च विष्‍णो।।’

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प्रधानमंत्री ने इस संस्कृत श्लोक का जिक्र अपने एक भाषण में भी किया था. इससे पहले देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी राफेल विमानों के भारत आने पर ट्वीट के जरिये स्वागत किया.

रक्षामंत्री ट्वीट कर लिखा कि, नई चिड़िया अंबाला में लैंड कर गई हैं. राफेल विमान भारतीय वायुसेना की जरूरतों को हर तरह से पूरा करते हैं.उन्होंने कहा कि इन विमानों को लेकर जो आरोप लगाए गए थे, उनका पहले ही जवाब दे दिया गया है. राफेल लड़ाकू विमान एक नए युग की शुरुआत हैं.

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