Basant Panchami 2023: मां सरस्वती की पूजा बसंत पंचमी पर क्यों की जाती है? यहां जानिए

Basant Panchami 2023: हिन्दू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है.

Basant Panchami 2023: मां सरस्वती की पूजा बसंत पंचमी पर क्यों की जाती है? यहां जानिए
Basant Panchami 2023: मां सरस्वती की पूजा बसंत पंचमी पर क्यों की जाती है? यहां जानिए
Basant Panchami 2023: हिन्दू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है. बसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है और बच्चों के पढ़ाई की शुरुआत भी इसी दिन को किया जाता है. बसंत का त्योहार उस समय मनाते है जब चारो-ओर खेतो में लगी हुई सरसों के फूलों की सुन्दरता सभी को अभिभूत करती है. इस साल बसंत पंचमी (Basant Panchami 2023) 5 फरवरी को मनाया जायेगा.

क्यों मनाया है बसंत पंचमी ?

पुराणों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने देवी सरस्वती से खुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि बसंत पंचमी के दिन आपकी आराधना की जाएगी. इसी वरदान के कारण माँ सरस्वती की  जाती है. यह दिन बच्चों के लिए बहुत ही ख़ास होता है. क्योंकि इसी दिन बच्चों के पढाई लिखाई की शुरआत की जाती है.

बसंत पंचमी पर कैसे करे मां सरस्वती की पूजा 

  1. सबसे पहले आप सुबह नहा-धोकर मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित करें
  2. पूजा के समय मां सरस्वती की वंदना और आरती करें
  3. बसंत पंचमी के ख़ास मौके पर इस दिन पीले कपड़े पहनना चाहिए, पूजा के वक्त या फिर पूरे दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें
  4. पीले चावल या पीले रंग का भोजन करें
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बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की श्लोक वंदना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥2॥

सरस्वती श्लोक वंदना भावार्थ

जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही संपूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली माँ सरस्वती हमारी रक्षा करें॥1॥

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शुक्लवर्ण वाली, संपूर्ण चराचर जगत्‌ में व्याप्त, आदिशक्ति, परब्रह्म के विषय में किए गए विचार एवं चिंतन के सार रूप परम उत्कर्ष को धारण करने वाली, सभी भयों से भयदान देने वाली, अज्ञान के अँधेरे को मिटाने वाली, हाथों में वीणा, पुस्तक और स्फटिक की माला धारण करने वाली और पद्मासन पर विराजमान्‌ बुद्धि प्रदान करने वाली, सर्वोच्च ऐश्वर्य से अलंकृत, भगवती शारदा (सरस्वती देवी) की मैं वंदना करता हूँ॥2॥

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बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त (Basant Panchami 2023 Shubh Muhurt)

  • पंचमी आरंभ: 25 जनवरी 2023, दोपहर 12:34 से
  • पंचमी समाप्त- 26 जनवरी 2023, सुबह 10:28 तक
  • उदयातिथि के अनुसार, बसंत पंचमी 26 जनवरी 2023 को मान्य होगी.
  • पूजा के लिए शुभ मुहूर्त– 26 जनवरी 2023, सुबह 07:12 से दोपहर 12:34 तक.

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Updated On: February 25, 2023 10:37 pm

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