UPSC Result 2019: प्रदीप सिंह के पिता ने घर बेचकर पढ़ाया, बेटा बना IAS

UPSC Result 2019: यूपीएससी का रिजल्ट मंगलवार को घोष‍ित कर दिया गया. देश की टॉप परीक्षाओं में से एक इस परीक्षा में प्रदीप सिंह ने ऑल इंडिया रैंक वन हासिल की है

UPSC Result 2019: यूपीएससी का रिजल्ट मंगलवार को घोष‍ित कर दिया गया. देश की टॉप परीक्षाओं में से एक इस परीक्षा में प्रदीप सिंह ने ऑल इंडिया रैंक वन हासिल की है. इसी लिस्ट में 26वें स्थान पर भी एक नाम प्रदीप सिंह का है. आईआरएस अफसर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे इस प्रदीप सिंह ने भी अपने पिता और परिवार का मान बढ़ाया है. आइए जानते हैं प्रदीप सिंह के संघर्ष और सफल होने की कहानी.

प्रदीप सिंह ने CSE 2018 में ऑल इंडिया रैंक AIR 93 हासिल की थी. 22 साल के प्रदीप ने पहले ही प्रयास में ये परीक्षा पास की थी. पास होने के बाद प्रदीप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मैंने जितना संघर्ष अपने जीवन में किया है, उससे कहीं ज्यादा संघर्ष मेरे-माता पिता ने किया है.

5 अगस्त को कुछ इस तरह होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अयोध्या में कार्यक्रम, जानिए पूरा डिटेल

बता दें प्रदीप सिंह के पिता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं. प्रदीप का सपना बड़ा था. ऐसे में उन्होंने दिल्ली आने का फैसला किया. वह  2017 में जून के महीने में दिल्ली आए थे, जहां उन्होंने वाजीराव कोचिंग ज्वॉइन की. प्रदीप का कहना है कि आर्थिक रूप से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके माता – पिता ने ये सब उनकी पढ़ाई के बीच में नहीं आने दिया. प्रदीप ने बताया कि उनके घर में पैसों की काफी दिक्कतें थीं, लेकिन मेरे माता- पिता का जज्बा मुझसे कहीं ज्यादा ऊपर था.

न्यूज एंजेंसी ANI को प्रदीप के पिता ने कहा था कि “मैं इंदौर में एक पेट्रोल पंप पर काम करता हूं. मैं हमेशा अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहता था ताकि वे जीवन में अच्छा कर सकें. प्रदीप ने बताया कि वह यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, मेरे पास पैसे की कमी थी. ऐसे में मैंने अपने बेटे की पढ़ाई की खातिर अपना घर बेच दिया. उस दौरान मेरे परिवार को काफी संघर्ष करना पड़ा था. लेकिन आज मैं बेटे की सफलता से खुश हूं.”

यह भी पढ़े:  CBSE 10th 12th Exams 2020: सीबीएसई बोर्ड ने रद्द की कक्षा 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं

मोदी सरकार ने जिम संस्थानों के लिए जारी की गाइडलाइन, इन नियमों का करना होगा पालन

प्रदीप ने एक मीडिया चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा था कि उनकी कोचिंग की फीस करीब 1.5 लाख रुपये थी. इसी के साथ ऊपर का खर्चा अलग था. मेरी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आए. इसके लिए पिताजी ने घर बेच दिया. प्रदीप ने बताया कि- मेरे पिताजी की जीवन भर की संपत्ति उनका इंदौर का मकान था. लेकिन मेरी पढ़ाई की खातिर उसे बेच दिया और एक क्षण भी ये नहीं सोचा कि ऐसा क्यों कर रहा हूं. उन्होंने कहा जब मुझे इस बारे में मालूम चला तो मेरा मेहनत करने का जज्बा डबल हो गया. पिता जी के इस त्याग ने मुझे और सक्षम बना दिया. और मैंने ठान लिया कि ये यूपीएससी की परीक्षा हर हाल में पास करनी है.

यह भी पढ़े:  RBSE 8th Result 2023: राजस्थान बोर्ड आज दोपहर 12 बजे कक्षा 8वीं के नतीजे घोषित करेगा

राम मंदिर भूमि पूजन के निमंत्रण कार्ड की तस्वीरें आई सामने, आपने देखा क्या

बता दें, उनके पिताजी इंदौर में निरंजनपुर देवास नगर के डायमंड पेट्रोल पंप पर काम करते हैं. उनकी मां हाउस वाइफ और उनके भाई प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं. उन्होंने बताया तीनों  मेरी हर मुश्किल में प्रोटेक्शन वॉल की तरह खड़े रहे. उन्होंने बताया कि पापा और भाई ने मेरी पढ़ाई का काफी ख्याल रखा. जब मेरी यूपीएससी की मेंस परीक्षा चल रही थी उस दौरान मेरी मां अस्पताल में एडमिट थी. लेकिन इस बात की जानकारी मुझे नहीं दी गई. ताकि मैं किसी भी तरह से टेंशन ना लूं, जिसका असर मेरी पढ़ाई पर ना पड़े.

यह भी पढ़े:  RRB Recruitment 2018: 9 अगस्त को 26,502 पदों के लिए होगा परीक्षा का आयोजन

प्रदीप ने बताया पिता ने घर ही नहीं बल्कि गांव की बिहार के गोपालगंज की पुश्तैनी जमीन भी मेरी पढ़ाई की खातिर बेच दी ताकि दिल्ली में मुझे किसी भी तरह से पैसों की दिक्कत ना हो. बता दें, प्रदीप का जन्म बिहार में हुआ था, जिसके बाद वह इंदौर शिफ्ट हो गए थे.

राम मंदिर भूमि पूजन: 5 अगस्त को न्यूयार्क के इस विश्व प्रसिद्द जगह पर प्रदर्शित होगा भगवन राम का चित्र

Source: Aaj Tak

देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूज़ आधार के साथ. हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newsaadhaar और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @news_aadhaar पर क्लिक करें.

Updated On: August 4, 2020 5:02 pm

Related Posts