Diet Plan for Heart Patients: दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं और क्या नहीं?

Diet Plan for Heart Patients: अनियमित जीवनशैली के कारण होने वाली बीमारियों में हृदय रोग एक सबसे बड़ा रोग के रूप में बढ़ रहा है। आज के इस लेख में हम यह जानेंगे कि आखिर हृदय रोग का कारण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

Diet Plan for Heart Patients दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं और क्या नहीं (Image Credit: Pixabay)
Diet Plan for Heart Patients दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं और क्या नहीं (Image Credit: Pixabay)
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Diet Plan for Heart Patients: भारत हृदय रोगियों का विश्व में एक केंद्र बन चुका है। सबसे ज्यादा हृदय रोगी भारत में पाए जाते हैं। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में आम लोगों की दिनचर्या इतनी खराब हो चुकी है कि उन्हें पता ही नहीं चलता कि उन्होंने कितना बड़ा रिस्क अपने जीवन के साथ लिया है। कहने का मतलब यह है कि स्वस्थ शरीर के लिए आपका स्वस्थ दिल होना बहुत जरूरी है, लेकिन नौकरी-रोजगार आदि के चक्कर में हम जिस तरह से प्रदूषित वातावरण में भटक रहे हैं, इससे हमारे स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ता है।

हाइलाइट्स

समय पर खान-पान न करना, स्वस्थ भोजन न खाना यह एक आम समस्या बन चुकी है, जिसकी वजह से हर परिवार में कोई न कोई व्यक्ति हृदय रोग से ग्रस्त हो चुका है। अनियमित जीवनशैली के कारण होने वाली बीमारियों में हृदय रोग एक सबसे बड़ा रोग के रूप में बढ़ रहा है। आज के इस लेख में हम यह जानेंगे कि आखिर हृदय रोग का कारण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

हृदय का स्वस्थ रहना क्यों जरूरी है ?

हमारा दिल 1 मिनट में लगभग 60 से 70 बार धड़कता है। मनुष्य के शरीर में पाया जाने वाला दिल स्वस्थ शरीर के लिए काफी जरूरी है, क्योंकि शरीर में रक्त को साफ करने का काम इसी दिल का होता है। अगर दिल स्वस्थ नहीं रहेगा तो रक्त की साफ-सफाई ढंग से नहीं हो पाएगी, जिसकी वजह से कई शारीरिक परेशानियाँ और अनेक रोग उत्पन्न हो सकते हैं।

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आम तौर पर देखा जाए तो एक पुरुष में हार्ट अटैक की संभावना 40 साल के बाद ज्यादा होती है और महिलाओं में यही संभावना 45 साल के बाद अधिक होती है। इसलिए हमें अपने दिल का ख्याल रखना काफी जरूरी है।

हृदय रोग से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलु उपाय

हृदय रोगियों के लिए डाइट प्लान का होना काफी जरूरी है। डाइट प्लान के माध्यम से बहुत सारी बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है। हृदय रोग भी उन्हीं बीमारियों में से एक है जिसे Diet Plan पर ध्यान देकर Heart Disease Control किया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं..

तनाव मुक्त रहें

हार्ट अटैक से बचने का तरीका है कि आप किसी भी तरह का तनाव न लें। अक्सर कई बार होता है कि ऑफिस में काम करने वाले लोग ऑफिस के कामों की वजह से काफी Psychological Stress से गुजरते हैं, जो हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण बनता है। किसी भी तरह का पारिवारिक तनाव हो, उसे हावी न होने दें और बिल्कुल ही तनाव मुक्त रहें।

लौकी की सब्जी खाएं

हृदय रोग या रक्तचाप में लौकी की सब्जी काफी फायदेमंद होती है। लौकी का सूप पीने पर भी यह काफी लाभ पहुंचाती है। हृदय रोग से ग्रस्त व्यक्ति को सप्ताह में 4 बार लौकी की सब्जी जरूर खानी चाहिए। अगर सब्जी उपलब्ध न हो तो उसका सूप बनाकर पी सकते हैं।

काली मिर्च का सेवन

काली मिर्च में मौजूद एंटीबायोटिक गुण हृदय रोगियों के लिए काफी लाभदायक होते हैं। काली मिर्च हार्ट अटैक के लिए फायदेमंद इसलिए भी है क्योंकि यह Cardio-Protective Action को सक्रिय करती है। जब यह सक्रिय होती है तो हमारे शरीर में Cardiac Function बढ़ता है।

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अदरक का रस और शहद

अदरक का रस शहद के साथ मिलाकर चाटने से भी हृदय रोग में काफी फायदा मिलता है। दिल से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को दो चम्मच शहद में आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर जरूर पीना चाहिए।

लहसुन है हृदय रोग का इलाज

लहसुन का अपने खानपान में सेवन करना स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। इसके नियमित सेवन से हृदय से जुड़ी बीमारियों में काफी राहत मिलती है।
जो व्यक्ति नियमित रूप से लहसुन का सेवन करते हैं, उनका कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है क्योंकि लहसुन में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय से जुड़ी कई बीमारियों को नियंत्रित रखते हैं।

धनिया का सेवन करें

धनिया में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण होने की वजह से कई बीमारियों में इसका सेवन फायदेमंद होता है। हृदय से जुड़ी बीमारियों में भी धनिया का सेवन काफी लाभ पहुंचाता है क्योंकि इसमें मौजूद Free Radicals दिल को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। साथ ही, यह कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करता है, जो ब्लड फ्लो को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए धनिया का बीज उपयोगी माना जाता है।

हृदय रोगियों के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Heart Patients)

अगर आपको हृदय रोगों से बचना हैं तो इसके लिए हम आपको कुछ डाइट प्लान बताने जा रहा हूं। इनको दैनिक जीवन में अपनाकर हृदय से जुड़ी बीमारी होने के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

इन डाइट प्लान में आपको फल, सब्जी से लेकर कई तरह के अनाज शामिल करने होंगे, जो आपके ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल आदि को कंट्रोल करते हैं और हृदय से जुड़ी बीमारियों से बचाते हैं।

सेब, खट्टा फल शामिल करें

हृदय से जुड़ी बीमारियों के लिए कुछ फल ऐसे होते हैं जो काफी लाभदायक होते हैं, जैसे कि सेव, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रसभरी और अंगूर या खट्टे फल। ऐसे फलों के अंदर फाइबर की मात्रा प्रचुर रूप से मौजूद होती है और इनमें एक खास प्रकार का फाइबर पाया जाता है जो आसानी से घुलनशील होता है, जिसे पेक्टिन कहते हैं। इन फलों को अगर अपने दैनिक जीवन में शामिल करते हैं तो यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में काफी मदद करता है।

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हरी पत्तेदार सब्जियां

सब्जियों के मामले में हरी पत्तेदार सब्जियां भी कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में कोलेस्ट्रॉल को घटाने के लिए कई तत्व मौजूद होते हैं, जैसे कि साग या हरी पत्तेदार सब्जियों में ल्यूटिन और कैरोटेनॉइड्स। ये तत्व हृदय से जुड़ी बीमारियों को कम करते हैं। टमाटर खाने से भी कोलेस्ट्रॉल लेवल कम रहता है। टमाटर में पाए जाने वाले स्टार्च ब्लड प्रेशर को संतुलित रखते हैं। बैंगन भी कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है और यह पाचन तंत्र के लिए भी काफी अच्छा है।

हृदय रोगियों के लिए अनाज

हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए दाल का सेवन भी काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि दाल में पाए जाने वाले प्रोटीन और फाइबर स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी अच्छे होते हैं। अगर नियमित रूप से दाल का सेवन किया जाए तो इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता नहीं है और यह स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। जौ में बीटा-ग्लूकन तत्व होता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है। आप अपने दैनिक खानपान में जौ का भी उपयोग कर सकते हैं। ओट्स में मौजूद तत्व और फाइबर जल्दी घुलने में सहायक होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Diet Plan for Heart Patients: Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1. हृदय रोगियों को कौन सा खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है?

हृदय रोगियों के लिए फल (सेब, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, खट्टे फल), हरी पत्तेदार सब्जियां (साग, टमाटर, बैंगन), दालें, जौ और ओट्स का सेवन सबसे फायदेमंद होता है।

Q2. हृदय रोग से बचने के लिए किन चीजों से परहेज करना चाहिए?

हृदय रोगियों को तला-भुना खाना, अधिक तेल-घी, फास्ट फूड, रेड मीट, ज्यादा नमक, और मीठी चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए।

Q4. क्या तनाव (Stress) हार्ट डिजीज का कारण बन सकता है?

जी हाँ, तनाव हार्ट अटैक और हृदय रोग का बड़ा कारण है। तनाव मुक्त रहना हृदय रोग से बचने का सबसे आसान तरीका है।

Q5. क्या हृदय रोगी लौकी की सब्जी खा सकते हैं?

बिल्कुल, लौकी की सब्जी और उसका सूप हृदय रोगियों के लिए बेहद लाभकारी है। इसे सप्ताह में कम से कम 3–4 बार जरूर खाना चाहिए।

Q6. क्या ओट्स और जौ हार्ट पेशेंट्स के लिए सही हैं?

हाँ, ओट्स और जौ में मौजूद फाइबर और बीटा-ग्लूकन बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं, जो हार्ट को स्वस्थ रखते हैं।

Q7. क्या हृदय रोगी फलों का जूस पी सकते हैं?

हाँ, लेकिन जूस में शुगर न मिलाएं। बेहतर होगा कि फल सीधे खाएं, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक मात्रा में मिलता है।

Q8. क्या हृदय रोगियों के लिए वॉक और योगा जरूरी है?

जी हाँ, नियमित वॉक, हल्का व्यायाम और योगासन हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी हैं।

Q9. हार्ट पेशेंट्स को कितना पानी पीना चाहिए?

सामान्यत: 2–3 लीटर पानी प्रतिदिन पीना चाहिए, लेकिन यह डॉक्टर की सलाह और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

Q10. क्या सिर्फ डाइट बदलने से हृदय रोग ठीक हो सकता है?

केवल डाइट से हृदय रोग पूरी तरह ठीक नहीं होता, लेकिन डाइट प्लान अपनाकर और जीवनशैली सुधारकर हार्ट डिजीज को कंट्रोल किया जा सकता है।

Updated On: August 20, 2025 10:03 pm

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