International Women’s Day 2025: 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस? जानिए इतिहास और महत्व

International Women’s Day 2025: हम हर साल 8 मार्च को विश्व की प्रत्येक महिला के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दिवस क्यों मनाया जाता है?

International Women's Day 2025 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस जानिए इसका इतिहास और महत्व (Image Credit: Pixabay)
International Women's Day 2025 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस जानिए इसका इतिहास और महत्व (Image Credit: Pixabay)
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International Women’s Day 2025: हम हर साल 8 मार्च को विश्व की प्रत्येक महिला के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दिवस क्यों मनाया जाता है? शायद बहुत कम लोग इसके पीछे के इतिहास से परिचित होंगे। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (Mahila Diwas) के इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व

एक औरत की ज़िंदगी कभी भी उसकी अपनी नहीं होती। जन्म लेते ही वह समाज के अनचाहे बंधनों में बंध जाती है। उसके उठने-बैठने के तरीके से लेकर, दोस्तों के चुनाव तक—सब कुछ परिवार तय करता है। एक लड़की को हमेशा यह महसूस कराया जाता है कि उसका जीवन सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित है। एक नारी को अक्सर उसके अधिकारों से वंचित रखा जाता है। इसी मिथक को तोड़ने और महिलाओं को उनके अधिकारों का एहसास दिलाने के लिए ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (Mahila Diwas) मनाया जाता है, ताकि वे जान सकें कि वे किसी से कम नहीं हैं।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास

शायद आप इस बात से अनजान होंगे कि विश्व में पहली बार महिला दिवस 28 फरवरी 1909 को अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी (Socialist Party of America) द्वारा मनाया गया था। 1910 में क्लारा ज़ेटकिन नामक महिला ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का विचार सबके सामने रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि महिलाओं को अपने मांगों को आगे बढ़ाने के लिए हर देश को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना चाहिए। एक सम्मेलन में 17 देशों की 100 से ज्यादा महिलाओ ने इस राय पर सहमती जताई और इस तरह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की स्थापना हुई.

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वर्ष 1913 में महिला दिवस की तारीख बदलकर 8 मार्च कर दी गई, और तब से इसे हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। 1975 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक रूप से मनाया।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाते हैं

कोई भी देश बिना महिलाओं के योगदान के प्रगति नहीं कर सकता। इसके लिए जरूरी है कि लिंग असमानता को खत्म करने की तरफ कदम उठाए जाएं। ऐसे कई देश हैं जहाँ आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले बहुत कम है। शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाएं पुरुषों की तुलना में पिछड़ी हुई हैं। नारी दिवस के दिन इन असमानताओं को दूर करने के लिए पूरे विश्व से महिलाएं एक साथ एकत्रित होती हैं। कई देशों में महिलाएं एकत्रित होकर मार्च, रैलियां निकालती हैं। इस दिन उन महिलाओं को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने सभी असमानताओं से लड़ा और उपलब्धियां हासिल कीं।

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आज हमारा देश हर रोज नई-नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है, लेकिन दुख की बात यह है कि आज भी एक नारी को उसके अधिकारों से वंचित रखा जाता है उम्मीद करते हैं कि 2025 का महिला दिवस सभी स्त्रियों के जीवन में नई सुबह लाए।

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Updated On: April 13, 2025 9:20 pm

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